श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 230: कृत्तिकाओंको नक्षत्रमण्डलमें स्थानकी प्राप्ति तथा मनुष्योंको कष्ट देनेवाले विविध ग्रहोंका वर्णन  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  3.230.18 
स्कन्द उवाच
वृत्ता: प्रजा न ता: शक्या भवतीभिर्निषेवितुम्।
अन्यां व: कां प्रयच्छामि प्रजां यां मनसेच्छथ॥ १८॥
 
 
अनुवाद
स्कन्द बोले - हे माताओ! अब तुम उस संतान को प्राप्त नहीं कर सकती जिसका जन्मकाल बीत चुका है। यदि तुम्हें किसी अन्य संतान की इच्छा हो तो मुझसे कहो, मैं तुम्हें प्रदान करूँगा॥ 18॥
 
Skanda said - Mothers! You cannot now get the progeny whose time of birth has passed. If you have a desire to get some other progeny then tell me, I will provide it to you.॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)