श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 229: स्कन्दका इन्द्रके साथ वार्तालाप, देवसेनापतिके पदपर अभिषेक तथा देवसेनाके साथ उनका विवाह  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  3.229.8 
स्कन्द उवाच
किमिन्द्र: सर्वलोकानां करोतीह तपोधना:।
कथं देवगणांश्चैव पाति नित्यं सुरेश्वर:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
स्कन्द बोले - हे तपस्वियों! इस पद पर आसीन होकर इन्द्र समस्त लोकों के लिए क्या करते हैं तथा समस्त देवताओं के स्वामी किस प्रकार सदैव समस्त देवताओं की रक्षा करते हैं?॥8॥
 
Skanda said - O ascetics! What does Indra do for all the worlds while occupying this position and how does the Lord of all gods always protect all the gods?॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)