Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.229.7: हे श्रेष्ठ! आपने तो इन समस्त लोकों को अभय प्रदान किया है। अतः आज से आप इन्द्र के रूप में निवास करें और तीनों लोकों का भय दूर करें। 7॥ | mahabharat अध्याय 3.229: स्कन्दका इन्द्रके साथ वार्तालाप, देवसेनापतिके पदपर अभिषेक तथा देवसेनाके साथ उनका विवाह । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अभयं च पुनर्दत्तं त्वयैवैषां सुरोत्तम।
तस्मादिन्द्रो भवानस्तु त्रैलोक्यस्याभयंकर:॥ ७॥
अनुवाद
हे श्रेष्ठ! आपने तो इन समस्त लोकों को अभय प्रदान किया है। अतः आज से आप इन्द्र के रूप में निवास करें और तीनों लोकों का भय दूर करें। 7॥
Best! Then you have given fearlessness to all these worlds. Therefore, from today onwards you live as Indra and remove the fears of all the three worlds. 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥