श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 229: स्कन्दका इन्द्रके साथ वार्तालाप, देवसेनापतिके पदपर अभिषेक तथा देवसेनाके साथ उनका विवाह  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  3.229.6 
ऋषय ऊचु:
हिरण्यगर्भ भद्रं ते लोकानां शङ्करो भव।
त्वया षड्रात्रजातेन सर्वे लोका वशीकृता:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
ऋषि बोले- हिरण्यगर्भ! तुम्हारा कल्याण हो। तुम समस्त जगत के लिए कल्याणकारी हो। तुम्हें जन्मे अभी केवल छह रात्रियाँ ही हुई हैं। इतने कम समय में ही तुमने समस्त लोकों को अपने वश में कर लिया है।
 
The sage said— Hiranyagarbha! May you be blessed. May you be beneficial to the whole world. Only six nights have passed since you were born. In this short time, you have brought all the worlds under your control.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)