श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 229: स्कन्दका इन्द्रके साथ वार्तालाप, देवसेनापतिके पदपर अभिषेक तथा देवसेनाके साथ उनका विवाह  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  3.229.19-20h 
स्कन्द उवाच
त्वमेव राजा भद्रं ते त्रैलोक्यस्य ममैव च॥ १९॥
करोमि किं च ते शक्र शासनं तद् ब्रवीहि मे।
 
 
अनुवाद
स्कन्द बोले - देवेन्द्र! आप देवराज पद से विभूषित हों। आपका कल्याण हो। आप तीनों लोकों के और मेरे भी स्वामी हैं। आपकी कौन सी आज्ञा का पालन करूँ? कृपा करके मुझे यह बताइए॥19 1/2॥
 
Skanda said - Devendra! May you be honoured with the position of Devraj. May you be blessed. You are the master of all three worlds and me as well. Which of your orders should I obey? Kindly tell me this.॥19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)