वेदों में वर्णित अग्नि ने बकरे का मुख धारण कर लिया और अनेक बच्चों के साथ प्रकट होकर पर्वत शिखर पर रहने वाले बालक स्कंद का इस प्रकार मनोरंजन करने लगे, मानो वह खिलौनों से खेल रहा हो।
The Agni mentioned in the Vedas took the face of a goat and appeared with many children and began to entertain the child Skanda who lived on the mountaintop, as if he were playing with toys.
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि मार्कण्डेयसमास्यापर्वणि आङ्गिरसे स्कन्दोत्पत्तौ षड्विंशत्यधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २२६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत मार्कण्डेयसमास्यापर्वमें आंगिरसोपाख्यानके प्रसंगमें स्कन्दकी उत्पत्तिविषयक दो सौ छब्बीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २२६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)