Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.225.19-20h: चौथे दिन कुमार स्कंद सम्पूर्ण अंगों सहित प्रकट हुए। उस समय कुमार एक विशाल लाल रंग के बिजली से भरे बादल से आच्छादित थे। अतः वे लाल रंग के बादलों के विशाल बादल के भीतर से उदय होते हुए सूर्य के समान चमक रहे थे। | mahabharat अध्याय 3.225: स्वाहाका मुनिपत्नियोंके रूपोंमें अग्निके साथ समागम, स्कन्दकी उत्पत्ति तथा उनके द्वारा क्रौंच आदि पर्वतोंका विदारण । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
चौथे दिन कुमार स्कंद सम्पूर्ण अंगों सहित प्रकट हुए। उस समय कुमार एक विशाल लाल रंग के बिजली से भरे बादल से आच्छादित थे। अतः वे लाल रंग के बादलों के विशाल बादल के भीतर से उदय होते हुए सूर्य के समान चमक रहे थे।
On the fourth day, Kumar Skanda was complete with all the limbs. At that time, Kumar was covered with a huge red-coloured lightning-filled cloud. Hence, he was shining like the Sun rising from within a huge cloud of red-coloured clouds.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥