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श्लोक  3.224.5 
इन्द्र उवाच
मम मातृष्वसेयी त्वं माता दाक्षायणी मम।
आख्यातुं त्वहमिच्छामि स्वयमात्मबलं त्वया॥ ५॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र बोले - शुभ! तुम मेरे चचेरे भाई हो। मेरी माता भी दक्ष की पुत्री हैं। मेरी इच्छा है कि तुम स्वयं मुझे अपना पराक्रम दिखाओ।
 
Indra said - Shubh! You are my cousin. My mother is also the daughter of Daksha. I wish that you yourself show me your strength. 5.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)