Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.224.37: इस प्रकार बहुत समय तक वहाँ रहने के कारण अग्निदेव कामदेव के वश में हो गए और उन सुन्दर स्त्रियों पर अपना मन लगाने लगे तथा उनसे मिलने की इच्छा करने लगे। | mahabharat अध्याय 3.224: इन्द्रका देवसेनाके साथ ब्रह्माजीके पास तथा ब्रह्मर्षियोंके आश्रमपर जाना, अग्निका मोह और वनगमन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार बहुत समय तक वहाँ रहने के कारण अग्निदेव कामदेव के वश में हो गए और उन सुन्दर स्त्रियों पर अपना मन लगाने लगे तथा उनसे मिलने की इच्छा करने लगे।
Having stayed there for a long time like this, Agnidev came under the control of Kama. He was devoting his heart to those beautiful women and was wishing to meet them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥