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mahabharat 3.224.21-22: अतः यदि यह किसी संतान को जन्म देगा, तो वह इस देवी का पति होगा।' ऐसा विचार कर धनवान इन्द्र देवताओं की सेना के साथ ब्रह्मलोक में गए और ब्रह्माजी से इस प्रकार बोले - 'भगवन! आप इस देवी के लिए उत्तम स्वभाव वाला वीर पति प्रदान करने की कृपा करें।'   |   mahabharat अध्याय 3.224: इन्द्रका देवसेनाके साथ ब्रह्माजीके पास तथा ब्रह्मर्षियोंके आश्रमपर जाना, अग्निका मोह और वनगमन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 224: इन्द्रका देवसेनाके साथ ब्रह्माजीके पास तथा ब्रह्मर्षियोंके आश्रमपर जाना, अग्निका मोह और वनगमन  »  श्लोक 21-22
 
 
श्लोक  3.224.21-22 
एष चेज्जनयेद् गर्भं सोऽस्या देव्या: पतिर्भवेत्।
एवं संचिन्त्य भगवान् ब्रह्मलोकं तदा गत:॥ २१॥
गृहीत्वा देवसेनां तामवदत् स पितामहम्।
उवाच चास्या देव्यास्त्वं साधुशूरं पतिं दिश॥ २२॥
 
 
अनुवाद
अतः यदि यह किसी संतान को जन्म देगा, तो वह इस देवी का पति होगा।' ऐसा विचार कर धनवान इन्द्र देवताओं की सेना के साथ ब्रह्मलोक में गए और ब्रह्माजी से इस प्रकार बोले - 'भगवन! आप इस देवी के लिए उत्तम स्वभाव वाला वीर पति प्रदान करने की कृपा करें।'
 
Therefore, if he gives birth to a child, he will be the husband of this goddess.' Thinking thus, the wealthy Indra then went to Brahmaloka along with the army of gods and spoke to Brahmaji thus - 'Lord! Please provide a brave husband of good nature for this goddess.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)