Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.224.13: महाप्रतापी इन्द्र ने देखा कि संध्या का समय हो गया है, पूर्व आकाश में घने लाल बादल छा गए हैं और समुद्र का जल भी लाल दिखाई दे रहा है॥13॥ | mahabharat अध्याय 3.224: इन्द्रका देवसेनाके साथ ब्रह्माजीके पास तथा ब्रह्मर्षियोंके आश्रमपर जाना, अग्निका मोह और वनगमन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
लोहितैश्च धनैर्युक्तां पूर्वां संध्यां शतक्रतु:।
अपश्यल्लोहितोदं च भगवान् वरुणालयम्॥ १३॥
अनुवाद
महाप्रतापी इन्द्र ने देखा कि संध्या का समय हो गया है, पूर्व आकाश में घने लाल बादल छा गए हैं और समुद्र का जल भी लाल दिखाई दे रहा है॥13॥
The glorious Indra saw that it was the time of early evening (dawn), thick red clouds had gathered in the eastern sky and the water of the ocean was also appearing red.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥