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mahabharat 3.223.10: हे पापकर्म करने वाले राक्षस! तू इस कन्या का अपहरण कैसे करना चाहता है? समझ ले कि मैं वज्रधारी इन्द्र हूँ। अब इस अबला को सताना बंद कर दे॥ 10॥   |   mahabharat अध्याय 3.223: इन्द्रके द्वारा केशीके हाथसे देवसेनाका उद्धार   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.223.10 
अनार्यकर्मन् कस्मात् त्वमिमां कन्यां जिहीर्षसि।
वज्रिणं मां विजानीहि विरमास्या: प्रबाधनात्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे पापकर्म करने वाले राक्षस! तू इस कन्या का अपहरण कैसे करना चाहता है? समझ ले कि मैं वज्रधारी इन्द्र हूँ। अब इस अबला को सताना बंद कर दे॥ 10॥
 
O demon who does evil deeds! How do you want to kidnap this girl? Understand that I am Indra who holds the thunderbolt. Now stop harassing this helpless woman.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)