Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.222.7: प्रथम अग्नि 'सह' अत्यंत शक्तिशाली है। एक बार देवतागण उसे ढूँढ़ रहे थे। जब उन्होंने उसके पौत्र नियत को उसके साथ आते देखा, तो वे (उसके स्पर्श से) भयभीत होकर समुद्र में प्रवेश कर गए। | mahabharat अध्याय 3.222: सह नामक अग्निका जलमें प्रवेश और अथर्वा अंगिराद्वारा पुन: उनका प्राकटॺ । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रथम अग्नि 'सह' अत्यंत शक्तिशाली है। एक बार देवतागण उसे ढूँढ़ रहे थे। जब उन्होंने उसके पौत्र नियत को उसके साथ आते देखा, तो वे (उसके स्पर्श से) भयभीत होकर समुद्र में प्रवेश कर गए।
The first fire 'Saha' is very powerful. Once the gods were looking for him. When they saw his grandson Niyat coming with him, they entered the ocean in fear (of being touched by him).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥