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mahabharat 3.222.5: जो आप नामक सह का पुत्र है, जो महाभाग है, सत्व का भोक्ता है, पृथ्वी का रक्षक है और पृथ्वी का स्वामी है, वह अद्भुत नामक महान अग्नि बुद्धि तत्त्व का स्वामी कहा गया है॥5॥   |   mahabharat अध्याय 3.222: सह नामक अग्निका जलमें प्रवेश और अथर्वा अंगिराद्वारा पुन: उनका प्राकटॺ   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 222: सह नामक अग्निका जलमें प्रवेश और अथर्वा अंगिराद्वारा पुन: उनका प्राकटॺ  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  3.222.5 
अपां गर्भो महाभाग: सत्त्वभुग् यो महाद्‍भुत:।
भूपतिर्भुवभर्ता च महत: पतिरुच्यते॥ ५॥
 
 
अनुवाद
जो आप नामक सह का पुत्र है, जो महाभाग है, सत्व का भोक्ता है, पृथ्वी का रक्षक है और पृथ्वी का स्वामी है, वह अद्भुत नामक महान अग्नि बुद्धि तत्त्व का स्वामी कहा गया है॥5॥
 
‘The one who is the son of Saha named ‘Aap’, who is the Mahabhag, the enjoyer of Satva, the protector of the earth and the master of the earth, is said to be the lord of the great fire intelligence element called Adbhuta. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)