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mahabharat 3.222.19: अथर्वन् ने समस्त प्राणियों के सामने समुद्र का मन्थन किया और अग्निदेव को देखकर स्वयं ही सम्पूर्ण लोकों की रचना की ॥19॥   |   mahabharat अध्याय 3.222: सह नामक अग्निका जलमें प्रवेश और अथर्वा अंगिराद्वारा पुन: उनका प्राकटॺ   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 222: सह नामक अग्निका जलमें प्रवेश और अथर्वा अंगिराद्वारा पुन: उनका प्राकटॺ  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.222.19 
अथर्वा त्वसृजल्लोकानात्मनाऽऽलोक्य पावकम्।
मिषतां सर्वभूतानामुन्ममाथ महार्णवम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
अथर्वन् ने समस्त प्राणियों के सामने समुद्र का मन्थन किया और अग्निदेव को देखकर स्वयं ही सम्पूर्ण लोकों की रचना की ॥19॥
 
Atharvan churned the ocean in front of all living beings and after seeing Agnidev, he himself created all the worlds. 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)