Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.222.13: उस समय वे उस शरीर को छोड़कर पृथ्वी में विलीन हो गए और पृथ्वी का स्पर्श करके उन्होंने अनेक धातुओं को अलग-अलग उत्पन्न किया॥13॥   |   mahabharat अध्याय 3.222: सह नामक अग्निका जलमें प्रवेश और अथर्वा अंगिराद्वारा पुन: उनका प्राकटॺ   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 222: सह नामक अग्निका जलमें प्रवेश और अथर्वा अंगिराद्वारा पुन: उनका प्राकटॺ  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  3.222.13 
स तच्छरीरं संत्यज्य प्रविवेश धरां तदा।
भूमिं स्पृष्टासृजद् धातून् पृथक् पृथगतीव हि॥ १३॥
 
 
अनुवाद
उस समय वे उस शरीर को छोड़कर पृथ्वी में विलीन हो गए और पृथ्वी का स्पर्श करके उन्होंने अनेक धातुओं को अलग-अलग उत्पन्न किया॥13॥
 
At that time, he left that body and merged into the earth. By touching the earth, he created many metals separately.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)