Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.221.4: उन पाञ्चजन्यों से 'ऊष्मा' नामक अग्नि उत्पन्न हुई। जो समस्त प्राणियों के शरीर में ताप के द्वारा प्रतिबिम्बित होती है और जो अग्नि के समान तपक के पुत्र 'मनु' हैं, उन्होंने 'प्रजापत्य' यज्ञ किया। 4॥ | mahabharat अध्याय 3.221: अग्निस्वरूप तप और भानु (मनु)-की संततिका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन पाञ्चजन्यों से 'ऊष्मा' नामक अग्नि उत्पन्न हुई। जो समस्त प्राणियों के शरीर में ताप के द्वारा प्रतिबिम्बित होती है और जो अग्नि के समान तपक के पुत्र 'मनु' हैं, उन्होंने 'प्रजापत्य' यज्ञ किया। 4॥
From those Panchjanyas came the fire called 'Ushma'. Who is reflected in the bodies of all living beings through heat and who is the fire-like son of Tapaka, named ‘Manu’, performed the ‘Prajapatya’ Yagya. 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥