यद्यग्नयो हि स्पृश्येयुर्निवेशस्था दवाग्निना।
इष्टिरष्टाकपालेन कार्या तु शुचयेऽग्नये॥ २६॥
अनुवाद
यदि घर में अग्नि अग्नि नली के संपर्क में आ जाए तो आठ मिट्टी के टीलों में संस्कृत चारद्वार शुचि नामक अग्नि में आहुति देनी चाहिए। 26॥
If the fire in the house comes in contact with the fire hose, then a sacrifice should be made to the fire called Sanskrit Charudwara Shuchi in eight earthen mounds. 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥