Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.221.15: मनु (भानु) की एक तीसरी पत्नी थी, जिसका नाम निशा था। उससे एक पुत्री और दो पुत्र उत्पन्न हुए। (पुत्री का नाम 'रोहिणी' तथा पुत्रों के नाम अग्नि और सोम थे। इनके अतिरिक्त निशा ने अग्निरूपी पाँच और पुत्रों को जन्म दिया। (जिनके नाम क्रमशः इस प्रकार हैं - वैश्वानर, विश्वपति, सन्निहित, कपिल और अग्रि)।॥ 15॥ | mahabharat अध्याय 3.221: अग्निस्वरूप तप और भानु (मनु)-की संततिका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मनु (भानु) की एक तीसरी पत्नी थी, जिसका नाम निशा था। उससे एक पुत्री और दो पुत्र उत्पन्न हुए। (पुत्री का नाम 'रोहिणी' तथा पुत्रों के नाम अग्नि और सोम थे। इनके अतिरिक्त निशा ने अग्निरूपी पाँच और पुत्रों को जन्म दिया। (जिनके नाम क्रमशः इस प्रकार हैं - वैश्वानर, विश्वपति, सन्निहित, कपिल और अग्रि)।॥ 15॥
Manu (Bhanu) had a third wife, whose name was Nisha. She gave birth to a daughter and two sons. (The daughter's name was 'Rohini' and the sons' names were Agni and Som. Apart from these, Nisha gave birth to five more sons in the form of fire. (Whose names are respectively as follows - Vaishwanar, Vishwapati, Sannihit, Kapil and Agrani).॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥