Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.221.12: यहाँ दर्श और पूर्णिमा यज्ञों में जिस अग्नि का हविष्य-समर्पण मिलता है, उसका नाम 'विष्णु' है। वे 'अंगिरा' गोत्रीय माने जाते हैं। उनका दूसरा नाम 'धृतिमान्' अग्नि है (वे भानु के तीसरे पुत्र हैं)। 12॥ , | mahabharat अध्याय 3.221: अग्निस्वरूप तप और भानु (मनु)-की संततिका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दर्शे च पौर्णमासे च यस्येह हविरुच्यते।
विष्णुर्नामेह योऽग्निस्तु धृतिमान्नाम सोऽङ्गिरा:॥ १२॥
अनुवाद
यहाँ दर्श और पूर्णिमा यज्ञों में जिस अग्नि का हविष्य-समर्पण मिलता है, उसका नाम 'विष्णु' है। वे 'अंगिरा' गोत्रीय माने जाते हैं। उनका दूसरा नाम 'धृतिमान्' अग्नि है (वे भानु के तीसरे पुत्र हैं)। 12॥ ,
Here, the name of the fire for whom havishya-samarpan is found in the Darsha and Purnmas yagas is ‘Vishnu’. They are considered to be of 'Angira' gotriya. His other name is 'Dhritiman' Agni (he is the third son of Bhanu). 12॥ ,
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥