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mahabharat 3.221.11: जो शान्त प्राणियों में भयंकर क्रोध के रूप में प्रकट होता है, वह अग्निभानु का दूसरा पुत्र मन्युमान है ॥11॥   |   mahabharat अध्याय 3.221: अग्निस्वरूप तप और भानु (मनु)-की संततिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 221: अग्निस्वरूप तप और भानु (मनु)-की संततिका वर्णन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.221.11 
य: प्रशान्तेषु भूतेषु मन्युर्भवति दारुण:।
अग्नि: स मन्युमान्नाम द्वितीयो भानुत: सुत:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
जो शान्त प्राणियों में भयंकर क्रोध के रूप में प्रकट होता है, वह अग्निभानु का दूसरा पुत्र मन्युमान है ॥11॥
 
The one who appears as fierce anger in peaceful creatures is the second son of Agni Bhanu named Manyuman. 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)