Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.22.10: तत्पश्चात् संसार को महान् हानि पहुँचाने में समर्थ, भयंकर रूप वाला एक राक्षस अचानक आया और उसने पत्थरों की भारी वर्षा से मुझे ढक दिया ॥10॥ | mahabharat अध्याय 3.22: शाल्ववधोपाख्यानकी समाप्ति और युधिष्ठिरकी आज्ञा लेकर श्रीकृष्ण, धृष्टद्युम्न तथा अन्य सब राजाओंका अपने-अपने नगरको प्रस्थान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततो लोकान्तकरणो दानवो दारुणाकृति:।
शिलावर्षेण महता सहसा मां समावृणोत्॥ १०॥
अनुवाद
तत्पश्चात् संसार को महान् हानि पहुँचाने में समर्थ, भयंकर रूप वाला एक राक्षस अचानक आया और उसने पत्थरों की भारी वर्षा से मुझे ढक दिया ॥10॥
Thereafter a demon with a terrifying appearance, capable of causing great harm to the world, suddenly came and covered me with a heavy shower of stones. ॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥