श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 219: बृहस्पतिकी संततिका वर्णन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.219.16 
यस्तु विश्वस्य जगतो बुद्धिमाक्रम्य तिष्ठति।
तं प्राहुरध्यात्मविदो विश्वजिन्नाम पावकम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
(बृहस्पति के तीसरे पुत्र का नाम 'विश्वजित' है) सम्पूर्ण जगत् की बुद्धि उसके वश में है, इसीलिए अध्यात्मशास्त्र के विद्वानों ने उसे 'विश्वजित' अग्नि कहा है ॥16॥
 
(The name of Jupiter's third son is 'Vishwajit') He has the intelligence of the entire world under his control, that is why the scholars of spirituality have called him 'Vishwajit' Agni. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)