श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 219: बृहस्पतिकी संततिका वर्णन  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  3.219.15 
अनुकूजन्ति येनेह वेदनार्ता: स्वयं जना:।
तस्य पुत्र: स्वनो नाम पावक: स रुजस्कर:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
सत्य के पुत्र का नाम 'हंस' है, जिसके कारण लोग पीड़ित होकर पीड़ा से कराहने लगते हैं। इसीलिए उसका यह नाम पड़ा है। वह रोग उत्पन्न करने वाला अग्नि है॥15॥
 
The name of Satya's son is 'Swan', because of whom people get afflicted and start groaning in pain. That is why he has got this name. He is a disease causing fire.॥15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)