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mahabharat 3.217.20: जब देवताओं ने पूछा तो अंगिरा ने उन्हें कारण बताया और देवताओं ने अंगिरा की बात पर विश्वास कर लिया और उसे सत्य मान लिया।   |   mahabharat अध्याय 3.217: अग्निका अंगिराको अपना प्रथम पुत्र स्वीकार करना तथा अंगिरासे बृहस्पतिकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 217: अग्निका अंगिराको अपना प्रथम पुत्र स्वीकार करना तथा अंगिरासे बृहस्पतिकी उत्पत्ति  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  3.217.20 
स तु पृष्टस्तदा देवैस्तत: कारणमब्रवीत्।
प्रत्यगृह्णंस्तु देवाश्च तद् वचोऽङ्गिरसस्तदा॥ २०॥
 
 
अनुवाद
जब देवताओं ने पूछा तो अंगिरा ने उन्हें कारण बताया और देवताओं ने अंगिरा की बात पर विश्वास कर लिया और उसे सत्य मान लिया।
 
When the gods asked, Angira told them the reason and the gods believed in what Angira said and accepted it as true.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)