Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.217.14: ब्रह्माजी ने तुम्हें अंधकार का नाश करने वाली प्रथम अग्नि के रूप में उत्पन्न किया है। हे अंधकार को दूर करने वाले देवता! तुम शीघ्र ही अपना स्थान ग्रहण करो॥14॥ | mahabharat अध्याय 3.217: अग्निका अंगिराको अपना प्रथम पुत्र स्वीकार करना तथा अंगिरासे बृहस्पतिकी उत्पत्ति । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्माजी ने तुम्हें अंधकार का नाश करने वाली प्रथम अग्नि के रूप में उत्पन्न किया है। हे अंधकार को दूर करने वाले देवता! तुम शीघ्र ही अपना स्थान ग्रहण करो॥14॥
‘Brahmaji has created you as the first fire that destroys darkness. O deity who drives away the darkness! Please take your place soon.'॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥