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श्लोक 3.216.26  |
अवश्यं क्रियमाणस्य कर्मणो दृश्यते फलम्।
न हि निर्वेदमागम्य किंचित् प्राप्नोति शोभनम्॥ २६॥ |
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| अनुवाद |
| किए हुए कर्मों का फल अवश्य दिखाई देता है। केवल उदास होकर बैठे रहने से कोई अच्छा फल नहीं मिलता॥26॥ |
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| The results of the deeds performed are certainly visible. Just sitting around dejectedly does not bring any good results.॥ 26॥ |
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