Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.216.16: अतः तुम्हें किसी भी प्रकार से अपने विषय में चिन्ता नहीं करनी चाहिए। तुम्हारे समान जो ज्ञानी पुरुष संसार के पालन का रहस्य जानते हैं और सदैव धर्म में तत्पर रहते हैं, वे कभी दुःखी नहीं होते॥16॥ | mahabharat अध्याय 3.216: कौशिक-धर्मव्याध-संवादका उपसंहार तथा कौशिकका अपने घरको प्रस्थान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतः तुम्हें किसी भी प्रकार से अपने विषय में चिन्ता नहीं करनी चाहिए। तुम्हारे समान जो ज्ञानी पुरुष संसार के पालन का रहस्य जानते हैं और सदैव धर्म में तत्पर रहते हैं, वे कभी दुःखी नहीं होते॥16॥
Therefore, you should not worry about yourself in any way. Wise men like you, who know the secret of following the worldly affairs and are always devoted to religion, are never sad. ॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥