Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.216.12: विद्वान्! तुम्हें जो कर्मदोष प्राप्त हुआ है, वह तुम्हारे पूर्वजन्म के कर्मों का फल है। इस जन्म का नहीं। इसलिए कुछ समय और इसी योनि में रहो। तब तुम ब्राह्मण बनोगे।॥ 12॥ | mahabharat अध्याय 3.216: कौशिक-धर्मव्याध-संवादका उपसंहार तथा कौशिकका अपने घरको प्रस्थान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विद्वान्! तुम्हें जो कर्मदोष प्राप्त हुआ है, वह तुम्हारे पूर्वजन्म के कर्मों का फल है। इस जन्म का नहीं। इसलिए कुछ समय और इसी योनि में रहो। तब तुम ब्राह्मण बनोगे।॥ 12॥
Scholar! The karma dosha (tainted karma) that you have received is the result of your karma of your previous birth. Not of this birth. So stay in this form for some more time. Then you will become a Brahmin.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥