vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 214: माता-पिताकी सेवाका दिग्दर्शन
»
श्लोक 24
श्लोक
3.214.24
स्वयं च स्नापयाम्येतौ तथा पादौ प्रधावये।
आहारं च प्रयच्छामि स्वयं च द्विजसत्तम॥ २४॥
अनुवाद
हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! मैं स्वयं ही उन्हें स्नान कराता हूँ, उनके चरण धोता हूँ और स्वयं ही उन्हें भोजन कराता हूँ॥24॥
O best of Brahmins! I myself bathe them, wash their feet and feed them myself. ॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×