श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 213: प्राणवायुकी स्थितिका वर्णन तथा परमात्म-साक्षात्कारके उपाय  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  3.213.31 
सत्यस्य वचनं श्रेय: सत्यं ज्ञानं हितं भवेत्।
यद् भूतहितमत्यन्तं तद् वै सत्यं परं मतम्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
सत्य बोलना सदैव लाभदायक होता है। केवल सच्चा ज्ञान ही लाभदायक होता है। जो प्राणियों के लिए परम हितकारी हो, वही सर्वोत्तम सत्य माना जाता है ॥31॥
 
Speaking the truth is always beneficial. Only true knowledge is beneficial. That which is of utmost benefit to living beings is considered the best truth. ॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)