Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.211.17: बुद्धिमान भगवान ब्रह्मा ने (अपने प्राणमय वेदों के द्वारा) मुक्त आत्मा को आदि-अन्त से रहित, स्वयंभू, अविनाशी, अद्वितीय और निराकार बताया है॥17॥ | mahabharat अध्याय 3.211: पञ्चमहाभूतोंके गुणोंका और इन्द्रियनिग्रहका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनादिनिधनं जन्तुमात्मयोनिं सदाव्ययम्।
अनौपम्यममूर्तं च भगवानाह बुद्धिमान्॥ १७॥
अनुवाद
बुद्धिमान भगवान ब्रह्मा ने (अपने प्राणमय वेदों के द्वारा) मुक्त आत्मा को आदि-अन्त से रहित, स्वयंभू, अविनाशी, अद्वितीय और निराकार बताया है॥17॥
The wise Lord Brahma (through his breathless Vedas) has described the liberated soul as being without beginning and end, self-existent, imperishable, unique and formless. 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥