Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.21.26: भरत! तब मेरी सारी सेना ने मुझे रथ के पिछले भाग में मृत अवस्था में पड़ा हुआ देखकर व्याकुल होकर चिल्लाना आरम्भ कर दिया। सब लोग अचेत हो गए॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 3.21: श्रीकृष्णका शाल्वकी मायासे मोहित होकर पुन: सजग होना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 21: श्रीकृष्णका शाल्वकी मायासे मोहित होकर पुन: सजग होना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  3.21.26 
ततो हाहाकृतं सर्वं सैन्यं मे गतचेतनम्।
मां दृष्ट्वा रथनीडस्थं गतासुमिव भारत॥ २६॥
 
 
अनुवाद
भरत! तब मेरी सारी सेना ने मुझे रथ के पिछले भाग में मृत अवस्था में पड़ा हुआ देखकर व्याकुल होकर चिल्लाना आरम्भ कर दिया। सब लोग अचेत हो गए॥ 26॥
 
Bhaarat! Then my entire army cried out in anguish when they saw me lying lifeless in the rear of the chariot. Everyone lost their senses.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)