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श्लोक 3.21.26  |
ततो हाहाकृतं सर्वं सैन्यं मे गतचेतनम्।
मां दृष्ट्वा रथनीडस्थं गतासुमिव भारत॥ २६॥ |
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| अनुवाद |
| भरत! तब मेरी सारी सेना ने मुझे रथ के पिछले भाग में मृत अवस्था में पड़ा हुआ देखकर व्याकुल होकर चिल्लाना आरम्भ कर दिया। सब लोग अचेत हो गए॥ 26॥ |
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| Bhaarat! Then my entire army cried out in anguish when they saw me lying lifeless in the rear of the chariot. Everyone lost their senses.॥ 26॥ |
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