Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.21.23: हे मनुष्यों! उस विमान से गिरते समय मेरे पिता का रूप राजा ययाति के शरीर के समान प्रतीत हो रहा था, जो अपने पुण्यों के क्षीण हो जाने पर स्वर्ग से पृथ्वी पर गिरे थे। | mahabharat अध्याय 3.21: श्रीकृष्णका शाल्वकी मायासे मोहित होकर पुन: सजग होना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे मनुष्यों! उस विमान से गिरते समय मेरे पिता का रूप राजा ययाति के शरीर के समान प्रतीत हो रहा था, जो अपने पुण्यों के क्षीण हो जाने पर स्वर्ग से पृथ्वी पर गिरे थे।
O lord of men! My father's form while falling from that plane looked like the body of king Yayatti who fell from heaven to earth after his merits were exhausted. 23.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥