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श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 209: धर्मकी सूक्ष्मता, शुभाशुभ कर्म और उनके फल तथा ब्रह्मकी प्राप्तिके उपायोंका वर्णन  »  श्लोक 8-9h
 
 
श्लोक  3.209.8-9h 
योऽयमिच्छेद् यथा कामं तं तं कामं स आप्नुयात्॥ ८॥
यदि स्यादपराधीनं पौरुषस्य क्रियाफलम्।
 
 
अनुवाद
यदि प्रयास से उत्पन्न कर्मों के परिणाम दूसरों पर निर्भर न होते, तो जो जो चाहता, उसे वह प्राप्त हो जाता। 8 1/2
 
If the results of actions resulting from effort were not dependent on others, then whoever desired what, he would obtain that. 8 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)