Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.209.43: जो बुद्धिमान मनुष्य संस्कारों से परिपूर्ण है, जिसकी इन्द्रियाँ अच्छी हैं, जो स्वच्छता का ध्यान रखता है और जो अपने मन को वश में रखता है, वह इस लोक में भी सुख प्राप्त करता है और परलोक में भी सुख प्राप्त करता है। | mahabharat अध्याय 3.209: धर्मकी सूक्ष्मता, शुभाशुभ कर्म और उनके फल तथा ब्रह्मकी प्राप्तिके उपायोंका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो बुद्धिमान मनुष्य संस्कारों से परिपूर्ण है, जिसकी इन्द्रियाँ अच्छी हैं, जो स्वच्छता का ध्यान रखता है और जो अपने मन को वश में रखता है, वह इस लोक में भी सुख प्राप्त करता है और परलोक में भी सुख प्राप्त करता है।
The wise man who is full of values, has good sense of senses, good hygiene and keeps his mind under control, attains happiness in this world as well as in the next world.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥