Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.209.31: जीव जिस प्रकार कर्मों के बीजों को भोगकर पुनः जन्म लेता है, उसका वर्णन किया जा रहा है। अच्छे कर्म करने वाला मनुष्य अच्छी योनियों में जन्म लेता है और बुरे कर्म करने वाला मनुष्य बुरी योनियों में जन्म लेता है॥31॥ | mahabharat अध्याय 3.209: धर्मकी सूक्ष्मता, शुभाशुभ कर्म और उनके फल तथा ब्रह्मकी प्राप्तिके उपायोंका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जीव जिस प्रकार कर्मों के बीजों को भोगकर पुनः जन्म लेता है, उसका वर्णन किया जा रहा है। अच्छे कर्म करने वाला मनुष्य अच्छी योनियों में जन्म लेता है और बुरे कर्म करने वाला मनुष्य बुरी योनियों में जन्म लेता है॥31॥
The manner in which a living being collects the seeds of karma and takes birth again is being described. A man who performs good deeds is born in good species and a man who performs evil deeds is born in evil species.॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥