Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.209.30: शिकारी बोला - "ब्राह्मण! गर्भाधान आदि संस्कारों से संबंधित शास्त्रों में कहा गया है कि जो कुछ भी दिखाई देता है, वह सब कर्मों का फल है। अतः कौन-सा कर्म कहाँ जन्म देता है? मैं तुम्हें इस विषय में संक्षेप में बताता हूँ, सुनो।" | mahabharat अध्याय 3.209: धर्मकी सूक्ष्मता, शुभाशुभ कर्म और उनके फल तथा ब्रह्मकी प्राप्तिके उपायोंका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शिकारी बोला - "ब्राह्मण! गर्भाधान आदि संस्कारों से संबंधित शास्त्रों में कहा गया है कि जो कुछ भी दिखाई देता है, वह सब कर्मों का फल है। अतः कौन-सा कर्म कहाँ जन्म देता है? मैं तुम्हें इस विषय में संक्षेप में बताता हूँ, सुनो।"
The hunter said - Brahmin! It has been stated in the scriptures related to rituals like conception that whatever is visible is the result of all the karmas. So, which karma leads to birth where? I will briefly explain this topic to you, listen.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥