Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.209.24: शरीर पर प्रहार करने से वह शरीर नष्ट हो जाता है; परन्तु अमर आत्मा नहीं मरती। वह कर्मों के बंधन में बंध जाती है और फिर दूसरे शरीर में प्रवेश कर जाती है। | mahabharat अध्याय 3.209: धर्मकी सूक्ष्मता, शुभाशुभ कर्म और उनके फल तथा ब्रह्मकी प्राप्तिके उपायोंका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शरीर पर प्रहार करने से वह शरीर नष्ट हो जाता है; परन्तु अमर आत्मा नहीं मरती। वह कर्मों के बंधन में बंध जाती है और फिर दूसरे शरीर में प्रवेश कर जाती है।
By striking the body, that body gets destroyed; but the immortal soul does not die. It gets bound in the bondage of karmas and then enters another body.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥