Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.208.28: हे श्रेष्ठ ब्राह्मण! इस प्रकार संसार में अनेक परस्पर विरोधी बातें दिखाई देती हैं। यहाँ तक कि पाप भी पुण्य से मिला हुआ प्रतीत होता है। इस विषय में आप क्या समझते हैं?॥28॥ | mahabharat अध्याय 3.208: धर्मव्याधद्वारा हिंसा और अहिंसाका विवेचन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे श्रेष्ठ ब्राह्मण! इस प्रकार संसार में अनेक परस्पर विरोधी बातें दिखाई देती हैं। यहाँ तक कि पाप भी पुण्य से मिला हुआ प्रतीत होता है। इस विषय में आप क्या समझते हैं?॥28॥
O great Brahmin! In this way, many contradictory things are seen in the world. Even evil seems to be mixed with virtue. What do you understand in this matter?॥ 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥