Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.207.75: अतः सभ्य लोगों के आचरण में स्वीकृत सत्य ही सबसे गौरवपूर्ण बात है। सदाचार ही महापुरुषों का धर्म है। संतों की पहचान उनके सदाचार से होती है। 75. | mahabharat अध्याय 3.207: कौशिकका धर्मव्याधके पास जाना, धर्मव्याधके द्वारा पतिव्रतासे प्रेषित जान लेनेपर कौशिकको आश्चर्य होना, धर्मव्याधके द्वारा वर्णधर्मका वर्णन, जनकराज्यकी प्रशंसा और शिष्टाचारका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतः सभ्य लोगों के आचरण में स्वीकृत सत्य ही सबसे गौरवपूर्ण बात है। सदाचार ही महापुरुषों का धर्म है। संतों की पहचान उनके सदाचार से होती है। 75.
Therefore, the truth accepted in the conduct of civilized people is the most proud thing. Good conduct is the religion of great men. Saints are identified by their good conduct. 75.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥