Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.207.7-9: अनेक गोपुरम, मीनारें, महल और चारदीवारी उस नगर की शोभा बढ़ा रहे थे। वह सुन्दर नगर अनेक विमानों से सुसज्जित था और अनेक दुकानें उस नगर की शोभा बढ़ा रही थीं। सुन्दर रूप से निर्मित बड़ी-बड़ी सड़कें उस नगर की शोभा बढ़ा रही थीं। मिथिलापुरी स्वस्थ लोगों से भरी हुई थी, जिसमें अनेक घोड़े, रथ, हाथी और सैनिक थे। वहाँ प्रतिदिन नाना प्रकार के उत्सव और अनेक प्रकार के आयोजन होते थे। ब्राह्मण ने उस नगर में प्रवेश किया और उसमें घूमकर उसे भली-भाँति देखा। | mahabharat अध्याय 3.207: कौशिकका धर्मव्याधके पास जाना, धर्मव्याधके द्वारा पतिव्रतासे प्रेषित जान लेनेपर कौशिकको आश्चर्य होना, धर्मव्याधके द्वारा वर्णधर्मका वर्णन, जनकराज्यकी प्रशंसा और शिष्टाचारका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनेक गोपुरम, मीनारें, महल और चारदीवारी उस नगर की शोभा बढ़ा रहे थे। वह सुन्दर नगर अनेक विमानों से सुसज्जित था और अनेक दुकानें उस नगर की शोभा बढ़ा रही थीं। सुन्दर रूप से निर्मित बड़ी-बड़ी सड़कें उस नगर की शोभा बढ़ा रही थीं। मिथिलापुरी स्वस्थ लोगों से भरी हुई थी, जिसमें अनेक घोड़े, रथ, हाथी और सैनिक थे। वहाँ प्रतिदिन नाना प्रकार के उत्सव और अनेक प्रकार के आयोजन होते थे। ब्राह्मण ने उस नगर में प्रवेश किया और उसमें घूमकर उसे भली-भाँति देखा।
Many gopurams, towers, palaces and boundary walls were adding to the beauty of that city. That beautiful city was equipped with many vimanas and many shops were adding to the beauty of that city. Beautifully built big roads were adding to the beauty. Mithilapuri was full of healthy people with many horses, chariots, elephants and soldiers. There were different types of festivals and many types of events took place every day. The Brahmin entered that city and roamed around it and saw it thoroughly.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥