Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.207.61: धर्मात्माओं में श्रेष्ठ महामते व्याध! आपका कल्याण हो, मैं आपसे ये सब बातें सुनना चाहता हूँ। अतः आप इनका यथार्थ वर्णन करें। 61॥ | mahabharat अध्याय 3.207: कौशिकका धर्मव्याधके पास जाना, धर्मव्याधके द्वारा पतिव्रतासे प्रेषित जान लेनेपर कौशिकको आश्चर्य होना, धर्मव्याधके द्वारा वर्णधर्मका वर्णन, जनकराज्यकी प्रशंसा और शिष्टाचारका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धर्मात्माओं में श्रेष्ठ महामते व्याध! आपका कल्याण हो, मैं आपसे ये सब बातें सुनना चाहता हूँ। अतः आप इनका यथार्थ वर्णन करें। 61॥
‘Mahamate Vyadha, the best among the religious souls! Good luck to you, I want to hear all these things from you. Therefore, describe them accurately. 61॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥