Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.206.33-34h: जो क्रोध और मोह का त्याग कर देता है, उसे देवता ब्राह्मण मानते हैं। जो सत्य बोलता है, अपने गुरु को प्रसन्न रखता है, तथा मार खाने पर भी बदले में किसी को नहीं मारता, उसे देवता ब्राह्मण मानते हैं। | mahabharat अध्याय 3.206: कौशिक ब्राह्मण और पतिव्रताके उपाख्यानके अन्तर्गत ब्राह्मणोंके धर्मका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो क्रोध और मोह का त्याग कर देता है, उसे देवता ब्राह्मण मानते हैं। जो सत्य बोलता है, अपने गुरु को प्रसन्न रखता है, तथा मार खाने पर भी बदले में किसी को नहीं मारता, उसे देवता ब्राह्मण मानते हैं।
The one who gives up anger and attachment is considered a Brahmin by the gods. The one who speaks the truth, keeps his Guru happy, and does not hit someone in return even after being beaten is considered a Brahmin by the gods.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥