Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.206.23-24: स्त्री बोली- तपोधन! क्रोध न करें। हे मुनि! मैं बगुला नहीं हूँ कि आपकी क्रोधित दृष्टि से जल जाऊँ। आप इस प्रकार क्रोध करके मेरा क्या बिगाड़ लेंगे? मैं ब्राह्मणों का अपमान नहीं करती। बुद्धिमान ब्राह्मण देवता के समान होते हैं॥ 23-24॥ | mahabharat अध्याय 3.206: कौशिक ब्राह्मण और पतिव्रताके उपाख्यानके अन्तर्गत ब्राह्मणोंके धर्मका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स्त्री बोली- तपोधन! क्रोध न करें। हे मुनि! मैं बगुला नहीं हूँ कि आपकी क्रोधित दृष्टि से जल जाऊँ। आप इस प्रकार क्रोध करके मेरा क्या बिगाड़ लेंगे? मैं ब्राह्मणों का अपमान नहीं करती। बुद्धिमान ब्राह्मण देवता के समान होते हैं॥ 23-24॥
The woman said— Tapodhan! Do not be angry. O sage! I am not a heron that I will burn with your angry look. What will you do to me by getting angry like this? I do not insult Brahmins. Intelligent Brahmins are like gods.॥ 23-24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥