Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.206.10-11: अपने पति को आते देख, श्याम नेत्रों वाली वह पतिव्रता स्त्री ब्राह्मण को उसी दशा में छोड़कर अत्यंत विनम्रता से अपने पति की सेवा करने लगी। उसने जल लाकर अपने पति के पैर, हाथ और मुख धोए और उन्हें बैठने के लिए आसन दिया। | mahabharat अध्याय 3.206: कौशिक ब्राह्मण और पतिव्रताके उपाख्यानके अन्तर्गत ब्राह्मणोंके धर्मका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपने पति को आते देख, श्याम नेत्रों वाली वह पतिव्रता स्त्री ब्राह्मण को उसी दशा में छोड़कर अत्यंत विनम्रता से अपने पति की सेवा करने लगी। उसने जल लाकर अपने पति के पैर, हाथ और मुख धोए और उन्हें बैठने के लिए आसन दिया।
Seeing her husband coming, the dark-eyed, devoted wife left the Brahmin in that condition and started serving her husband with utmost humility. She brought water and washed her husband's feet, hands and face and offered him a seat to sit.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥