साध्वाचारा: स्त्रियो ब्रह्मन् यत् कुर्वन्ति सदाऽऽदृता:।
दुष्करं खलु कुर्वन्ति पितरं मातरं च वै॥ ९॥
एकपत्न्यश्च या नार्यो याश्च सत्यं वदन्त्युत।
अनुवाद
'ब्रह्मन्! सदाचारिणी स्त्रियों का महान कार्य, जो समाज में सदैव सम्मान पाती हैं, अत्यंत कठिन है। माता-पिता की सेवा करने वाली स्त्रियों का कार्य भी अत्यंत कठिन है। पतिपरायणा और सत्यनिष्ठ स्त्रियाँ अत्यंत कठोर धर्म का पालन करती हैं।'
‘Brahman! The great work done by virtuous women who always get respect in the society is extremely difficult. The work of those who serve their parents is also very difficult. Women who are devoted to their husbands and truthful follow very strict religion. 9 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)