Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.205.8: 'ब्रह्मन्! पुत्रों के लिए माता-पिता की सेवा करना तथा पत्नियों के लिए पति की सेवा करना अत्यन्त कठिन है। मैं स्त्रियों के इस कठिन कर्तव्य से बढ़कर कोई अन्य कार्य नहीं देखता।' | mahabharat अध्याय 3.205: पतिव्रता स्त्री तथा पिता-माताकी सेवाका माहात्म्य । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'ब्रह्मन्! पुत्रों के लिए माता-पिता की सेवा करना तथा पत्नियों के लिए पति की सेवा करना अत्यन्त कठिन है। मैं स्त्रियों के इस कठिन कर्तव्य से बढ़कर कोई अन्य कार्य नहीं देखता।'
‘Brahman! It is very difficult for sons to serve their parents and for wives to serve their husbands. I do not see any task more difficult than this tough duty of women. 8.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥