Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.203.3-4: इसमें कोई संदेह नहीं कि वह अपने समस्त पराक्रमी पुत्रों के साथ जाएगा, जिनकी भुजाएँ परिघ के समान मोटी हैं और जो आपके सभी इच्छित कार्य सिद्ध करेंगे। हे ब्रह्मन्! मुझे जाने दीजिए। मैंने अब शस्त्र त्याग दिए हैं। | mahabharat अध्याय 3.203: ब्रह्माजीकी उत्पत्ति और भगवान् विष्णुके द्वारा मधु-कैटभका वध । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रियं च ते सर्वमेतत् करिष्यति न संशय:॥ ३॥
पुत्रै: परिवृत: सर्वै: शूरै: परिघबाहुभि:।
विसर्जयस्व मां ब्रह्मन्न्यस्तशस्त्रोऽस्मि साम्प्रतम्॥ ४॥
अनुवाद
इसमें कोई संदेह नहीं कि वह अपने समस्त पराक्रमी पुत्रों के साथ जाएगा, जिनकी भुजाएँ परिघ के समान मोटी हैं और जो आपके सभी इच्छित कार्य सिद्ध करेंगे। हे ब्रह्मन्! मुझे जाने दीजिए। मैंने अब शस्त्र त्याग दिए हैं।
There is no doubt that he will go with all his valiant sons whose arms are as thick as a Parigha and will accomplish all your desired tasks. O Brahman! Please let me go. I have now given up weapons.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥