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mahabharat 3.202.7: महाराज! उचित समय आने पर राजा बृहदश्व ने अपने धर्मात्मा एवं वीर पुत्र कुवलाश्व को राज्य पर अभिषिक्त किया॥7॥   |   mahabharat अध्याय 3.202: उत्तङ्कका राजा बृहदश्वसे धुन्धुका वध करनेके लिये आग्रह   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 202: उत्तङ्कका राजा बृहदश्वसे धुन्धुका वध करनेके लिये आग्रह  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  3.202.7 
समये तं पिता राज्ये बृहदश्वोऽभ्यषेचयत्।
कुवलाश्वं महाराज शूरमुत्तमधार्मिकम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
महाराज! उचित समय आने पर राजा बृहदश्व ने अपने धर्मात्मा एवं वीर पुत्र कुवलाश्व को राज्य पर अभिषिक्त किया॥7॥
 
Maharaj! At the right time, King Brihadashva anointed his virtuous and brave son Kuvalashva to the kingdom. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)